Broken links क्या है और किन कारणों की वजह से जनरेट होती है?

सही समय पर Broken links fix नहीं किया तो धीरे-धीरे रैंकिंग और डोमेन ऑर्थोरिटी पर इफ़ेक्ट पड़ने लगता है इसका मतलब है कि साइट डाउन हो जाएगी.

क्या कारण है इस टूटी हुई लिंक के पीछे, क्या आपने कभी Website खोलते समय 404 पेज नॉट फाउंड एरर देखा है अगर यह पाया जाता है तो क्या आप इसका मतलब जानते हैं.

अगर आप नहीं जानते हैं तो डोंट वरी! इस लेख के अंत तक पूरा पढ़ने के बाद ब्रोकन लिंक के बारे में जानकर आप बहार आएंगे.

क्या आप जानते हैं कि इंटरनेट पर ऐसी कई वेबसाइटें हैं जिनकी गणना करना मुश्किल है जिनमें से लगभग 60% से 75% वेबसाइटों में 20% से 30% Broken links होगी ही होगी.

वास्तव में बहुत से Blogger broken links के बारे में पूरी तरह अनजान हो सकते है और समय पर Fix न करने से बहुत सारे टूटे हुए Link कलेक्ट हो जाते है और ऐसी Website के लिए बहुत SEO के लिए हानिकारक हैं.

ऐसे भी Blogger हैं जो Broken link से अच्छी तरह वाकिफ हैं. लेकिन, वे पूरी सामग्री लिखना, बैकलिंक्स बनाना, कीवर्ड ढूंढना और पूरी वेबसाइट को मैनेज करने के पीछे लगे रहते है इस कारण से वे ब्रोकन लिंक पर ध्यान नहीं दे पाते हैं.

लेकिन, क्या आप जानते हैं कि टूटे हुए लिंक आपकी वर्डप्रेस SEO ranking को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसलिए अपनी वेबसाइट या ब्लॉग को Broken link find करके उन्हें फिक्स करना जरुरी बनता है.

इससे पहले इस लेख में, मैं आपको बताऊंगा कि एक टूटी हुई लिंक क्या है, किन कारण से Generate होती है, SEO के लिए क्यों जरुरी है. इसे Check करके कैसे Fix करे? इस बारे में चर्चा करूंगा, जिससे जिन ब्लॉगर ब्रोकन लिंक से अनफैमिलियर है उनको एक अवेयरनेस मिल सके और Ranking डाउन होने से बचा सके.

ये ब्रोकन लिंक आपके वेबसाइट के Post और Page से बने होते है, जिसे कई कारणों से यूजर द्वारा खोजा या एक्सेस नहीं किया जा सकता है, जब कोई यूजर टूटे हुए लिंक तक पहुंचने का प्रयास करता है तो वेब सर्वर से एक Error code मिलता है, इस लिंक को हम Broken link कहते है.

इस लिंक को लोग दूसरे नाम से भी जानते है जैसे की Dead link, Link rots और Bad link, इस केस में Internal और External links दोनों शामिल है भले ही आपकी लिंक एक हाई डू फॉलो हो या नो फॉलो हो और एफिलिएट लिंक हो.

Broken links बनने के पीछे एक कारण नहीं हो सकता है, कई कारणों में से ज्यादातर किसी पोस्ट या पेज को डिलीट कर देना, साइट को नए डोमेन नाम पर ले जाना या ठीक से रीडायरेक्ट लगा न हो, इस वजह से 404 Errors code वाला एक Page दिखाता है.

इस Error के लेकर चिंता करने की कोई जरूरत नहीं. क्योंकि, Google ने खुद बताया है की 404 error आपके SEO को नुकसान नहीं पहुंचा सकती हैं.

लेकिन ब्रोकन लिंक आपकी वेबसाइट पर आपके User experience को नुकसान जरूर पहुंचा सकते हैं और उच्च बाउंस दर का कारण बन सकते हैं. ऐसा न हो इसलिए हमें साल में एक या दो बार Dead link (Broken link) फाइंड आउट करके फिक्स करना जरुरी है.

किन-किन कारणों से बनती है ब्रोकन लिंक्स?

मैं ऊपर भी बता चूका हुं, इसके अलावा ब्रोकन लिंक बनने का सबसे आम कारण यह है कि वेबसाइट के मालिक अपनी Site पर पुरानी सामग्री को Update करना भूल जाते हैं अन्य संभावित कारणों भी शामिल है जिनका उल्लेख नीचे दी गई सूची में किया गया है,

  • आम तौर पर ये केवल अन्य वेबसाइटें पर URL बदलने के बाद, प्रॉपर 301 पर रीडायरेक्ट नहीं किया तो भी इस तरह की ब्रोकन लिंक मिलती है.
  • आपने सही से Internal या External link पोस्ट या पेज में ठीक से नहीं जोड़ा, मतलब की स्लेश और कोई वर्ड्स लिखना भूल गए हो तभी इस तरह की Link बन सकती है.
  • जब कोई यूजर आपके वेबसाइट के URL के पीछे कोई कीवर्ड दाल कर सर्च करता, इस बारे में कोई कंटेट नहीं मिलता तभी भी Error 404 not found लिखा हुवा शो होंगे. लेकिन, इस तरह से उपयोगकर्ता के व्यवहार का SEO पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है.
  • Website टाइमआउट की वजह से, इसका मतलब है कि सर्वर किसी अन्य डिवाइस से किए गए डेटा अनुरोध का जवाब देने में बहुत अधिक समय ले रहा है तभी भी TimeOut एरर शो होता है इस तरह का Page भी ब्रोकन लिंक में शामिल है.
  • आपने कोई पेज या पोस्ट को Delete करते है तभी भी 404 वाली एरर शो होती है.
  • होस्टिंग को रिन्यू न करने से सारा कंटेंट डिलीट हो जाता है तभी ये वाली लिंक का सामना करना पड़ता है.
  • सर्वर अनुरोध को Process करने में असमर्थ रहता है तभी भी नंबर 400 एरर कोड शो होता है, ये भी एक Broken links में शामिल है. 
  • फ़ायरवॉल या जियोलोकेशन प्रतिबंध है तभी भी Dead link मिल सकती है. इसका मतलब की कभी-कभी एक जियोग्राफिक एरिया के बाहर के लोगों को साइट तक पहुंचने की अनुमति नहीं होती है. इस तरह का ब्रोकन पेज भी एसईओ पर इफ़ेक्ट नहीं दाल सकता.

आपने समझा कि लिंक कैसे टूटते है और भविष्य में उन्हें होने से रोकने में आपको लिंक मैनेज करने की जरूरत पड़ सकती है. इसलिए अपने Blogging तकनीक ज्ञान को एक्सटेंड करना जरुरी बनता है.

ब्रोकन लिंक्स का SEO पर क्या प्रभाव पड़ता है?

टूटे हुए लिंक आपके Google खोज परिणामों को प्रभावित करती है. बट यह आपके सभी SEO को प्रभावित नहीं करती है. इस प्रकार का लिंक केवल छोटी Websites या Blogs पर ही नहीं बल्कि बड़ी ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर भी होती है.

जिन Blogger को पता है वो ऐसी Links से बचना चाहते है, क्योंकि वे आपके SEO को नुकसान पहुंचा सकता हैं और  वेबसाइटों की रैंकिंग समय पर Google जैसे खोज इंजन कई कारकों देखता है.

जब कोई सर्च इंजन किसी वेबसाइट को Crawl करने के लिए स्पाइडर नाम के एक तकनीक का उपयोग करके उस साइट पर मिलने वाले सभी Hyperlink को चेक करता है, ताकि Valuable जानकारी एकत्र की जा सके जो Search engine को बताती है कि आपका पृष्ठ किस बारे में है.

जब Spider पोस्ट, पेज वगेरे पर स्कैन करते हुए ऐसे कोई Inbound या Outbound links पर कंटेंट नहीं शो होता तो वे Broken link या Dead link के रूप में दिखाता है.

ऐसे लिंक Search engine post में रैंकिंग के बजाय नीचे चलते जाते हैं. क्योंकि, सभी सर्च इंजन यूजर को निराश नहीं करते हैं, मेरा मतलब की उनका काम सर्च क्वेरी हिसाब से यूजर को कंटेंट की सूची दिखाना है.

हर बार जब कोई अलग-अलग यूजर किसी ब्रोकन लिंक पर क्लिक करके प्रवेश करता है तब उन्हें Content न दिखाई देने से वे इधर-उधर क्लिक करता है. फिर भी यूजर को जिसकी तलाश थी वो न मिलने पर तुरंत आपकी वेबसाइट छोड़ देता है.

Reader कुछ Time स्पेंड न करने की वजह से आपकी वेबसाइट का बाउंस दर बढ़ता है. रीडर अपनी खोजी जानकारी तक नहीं पहुंच सकते हैं. इसलिए वे एक अलग साइट पर जाएंगे जो उन्हें आवश्यक जानकारी प्रदान कर सकती है.

तब ऑटो गूगल सर्च अल्गोरिथम धीरे-धीरे करके निचे की और क्रम में शामिल करता रहेगा, जब तक आप अपनी साइट का ब्रोकन लिंक सही से ठीक न करे ले.

अगर सर्च इंजन कम्पनियाँ Algorithm में ब्रोकन लिंक वाले लिंक का क्रम में कोई बदलाव नहीं करती तो ऊपर से सर्चेस Users पर बार-बार नेगेटिव इफ़ेक्ट पड़ने से उनके सर्च इंजन पर सर्च करना छोड़ देंगे. हो सकता है कि ऐसा न हो, लेकिन समझने के लिए हम ऐसी कल्पना कर सकते हैं.

इसकी लोकप्रियता में गिरावट आ सकती है. हालांकि इसकी लोकप्रियता के पीछे कई कारणों में ये भी एक कारण शामिल हैं. इसलिए यूजर सर्च क्वेरी पर Negative असर और पॉपुलैरिटी कम होने से रोकने के लिए अपने अल्गोरिथम Maintain रखते है. 

इसलिए, गूगलने ब्रोकन लिंक को नेगेटिव ऑफ पेज एसईओ रोल में शामिल है. वेबसाइट ओनर इन पर ध्यान केंद्रित करके अपनी रैंकिंग में वृद्धि कर पाए और रीडर को भी नेगेटिव इफ़ेक्ट से रोका जा सके.

असल में ब्रोकन लिंक पूरा SEO पर कैसे असर करता है वो आपने जाना, अब से आपको Broken link check करके उसे बिल्ड करना जरुरी है. लेकिन, डरने की जरूर नहीं अगर आपकी Website में कुछ ऐसे Broken links दिखाई दे तो इसका मतलब यह नहीं है कि मेरा ट्रैफिक और रैंकिंग अब नीचे जायेंगे.

ये उन पेज पर इफेक्ट पड़ेगा जिस पोस्ट का यूआरएल में कोई कंटेंट नहीं है. अगर आपने कभी ध्यान नहीं दिया और आपकी साइट पर 1000 लिंक्स में 400 से 500 Links broken है तो जरूर User सर्चिस और Ranking क्रम में पूरी साइट जल्दी गिरने लग सकती है.

अगर 1000 लिंक में से 100 है तो डाउन तेजी नहीं होगा, मान लीजिए कि आपके Broken links पेज पर आपके पास 30000 रेगुलर मासिक ट्रैफ़िक है, वो आप खो सकते हैं.

किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग का एक लक्ष्य है की रीडर को आवश्यक सामग्री प्रदान करना है और Revenue में वृद्धि करना है तो आप ऐसे में एरर को फिक्स करना जरूरी हो जाता है.

कैसे पता करें कि हमारे वेबसाइट पर कितने टूटे हुए लिंक उपलब्ध हैं?

आपकी Link-building strategy कितनी भी मजबूत क्यों न हो, एक ब्रोकन लिंक आपकी वेबसाइट को पूरी तरह से डाउन कर सकती है.

एक हेअल्थी लिंक बिल्डिंग रणनीति लगातार लोग डेवेलोप कर रहे है और Google को ऐसी लिंक बहुति पसंद है. इसलिए वेबसाइट लिंक पर मेंटेन करना एक अच्छा सुझाव है.

सबसे पहले, आपको यह जांचना होगा कि Website broken link checker टूल का उपयोग करके कितने लिंक मृत हैं. आप ऑनलाइन पर Free Broken Link Checker Tools टाइप करके गूगल खोज करके ढेर सारे Checker tools पाएंगे.

इसमें कुछ टूल्स पेड और फ्री दोनों शामिल है, आप ये दोनों के बीच का अंतर अच्छे से जानते हैं. लेकिन ऐसे Free टूल्स भी है जो Broken links free check कर सकते है जिस तरह पेड वर्शन में काम करता है वैसे ही पूरी Website को स्कैन करके टूटी हुई लिंक्स को खोज निकालते है.

मैं उस फ्री टूल्स का नाम भी देता हूं,

  • Deadlinkchecker.com
  • Brokenlinkcheck.com
  • Drlinkcheck.com

ये तीनों Broken links cheker website है, इनमें से कोई एक वेबसाइट को ओपन करके ‘URL Search’ बॉक्स में अपनी वेबसाइट या ब्लॉग एड्रेस कॉपी करके पेस्ट करना है.

फिर ‘Check’ पर क्लिक करते ही आपकी साइट में जितने डेड लिंक्स है वो स्कैन करके आपके सामने एक सुची में शो करेंगा.

जब तक आपकी पूरी साइट स्कैन नहीं हो जाती तब तक स्किप या स्टॉप नहीं करना, प्रोग्रेस में रहने दे एक बार स्कैनिंग फिनिश होने के बाद, फिर देखें कि लिंक्स की कुल संख्या कितनी है और उनमें से कितनी ब्रोकन लिंक्स बनी हुई है.

ये तीनो Websites broken link checker ओवरआल वेबसाइट में जितनी लिंक्स दे और ले रखी है वो सारी लिंक्स बतायेंगे.

ब्रोकन लिंक्स को ठीक कैसे करे?

अब अपने Blog की टूटी हुई लिंक को Check कर लिया होगा. लेकिन, अब आप सोच रहे हैं कि मेरे Blog पर टूटी हुई लिंक मिल है तो इसे कैसे ठीक किया जाए.

बहुत ही सिंपल है इसके लिए आपको पहले लिंक को जानना होगा कि कौन सा लिंक टूटा हुआ है और किस पेज पर उपलब्ध है अगर पता न चले तो चेकिन टूल में बताये ब्रोकन लिंक या कोड पर क्लिक करके वो पेज बताएँगे की पेज में कंटेंट नहीं है.

जब आपको Inbound link और पेज दोनों मिल जाएं, तो अपने ब्लॉगर या वर्डप्रेस डैशबोर्ड पर जाएं और लिंक को हटा दें या अपडेट कर दें. यदि आपको Outbond link मिले तो उसे हटा दे या दूसरी लिंक को जोड़ दे.

ब्लॉग पोस्ट के लिए, मैं रेकमेंडेड करूंगा कि आप लिंक को Unlink करने के बजाय उसे अपडेट करें, इससे आपके मूल पोस्ट की गुणवत्ता इंटेक्ट रहेगी.

WordPress में सबसे अच्छा सुविधा और आसान Plugin बनाता है, इनके लिए निचे बताये प्लगइन का उपयोग करके रिडाइरेक्ट कर सकते है,

ये चारों वर्डप्रेस प्लगइन्स से आसानी से आटोमेटिक और मेनुअल कॉन्फ़िगर करके किसी भी पोस्ट, पेज और होमपेज को रिडाइरेक्ट कर सकते है. इन प्लगिन्स में नहीं ज्यादा कोई तकनीकी ज्ञान की जरूरत, बस थोड़ा सा दिमांग चला कर कॉन्फ़िगर किया जा सकता है.
 
लंबे समय के बाद लोग अपने डोमेन को बदलते हैं और पुराने डोमेन पर Redirect करते हैं या डिलीट पेज-पोस्ट को Redirect Homepage के साथ करते है. 
 
क्योंकि, इसलिए करना पड़ रहा है की Search result में कुछ समय Delete हुई लिंक लाइव रह सकती है और दूसरा ये की कई जगह अपनी पोस्ट या पेज URL address कही दे रखा है. वहां से थोड़ा बहुत ट्रैफिक गेन करने के लिए अपने होम या दूसरे रिलेटेड पेज या पोस्ट यूआरएल उपडेट कर सकते है.
 
Blogger की बात करे तो इसमें भी रिडाइरेक्ट विकल्प दिया है वहां तक जाने के लिए ब्लॉगर Settings > Errors and redirects में दो विकल्पों दिया हुवा है, जैसे की
 
Custom 404: आपमें वेबसाइट कोडिंग का ज्ञान है तो इस विकल्प में कस्टम रिडाइरेक्ट कोड और टेक्स्ट जोड़ सकते है.
 
Custom redirects: इसमें कोडीन किए बिना, Add पर क्लिक करके Form में ओल्ड यानि ब्रोकन पेज लिंक को सिर्फ पोस्ट या पेज यूआरएल पेस्ट करना है, अपने डोमेन यूआरएल के साथ नहीं.
 
To: में वो लिंक ऐड करना जिसे ओल्ड लिंक को नए वाले लिंक पर जोड़ना चाहते है, अगर आप ओल्ड यूआरएल को होमपेज पर रिडाइरेक्ट करने के लिए डोमेन अड्रेस नहीं दर्ज करना, सिर्फ / स्लेश करना है, फिर Ok कर देना है.
 
जब चाहे तब रिडाइरेक्ट को डिलीट भी कर सकते है, आपने दोनों प्लेटफॉर्म्स में देखा की ब्रोकन लिंक को हटाना और रिडाइरेक्ट करा कितना सिंपल है.

अपनी राय,

आपको अपनी साइट पर टूटे हुए Links को खोजने और Fix करने के लिए इसे साल में दो बार जरूर स्कैन करके चेक कर लेना चाइये.

नए ब्लॉगर याद रखें कि यदि आप कुछ लिंक बनाकर अपने Off-page SEO को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, तो आपको यह मेक स्यूर करने के लिए नियमित रूप से जांच करनी चाहिए कि वेबसाइट गलत यूआरएल का उपयोग नहीं कर रही.

ऑनलाइन उपलब्ध कई Free Tools के साथ उन्हें ढूंढना भी आसान है जो आपको किसी भी बेड लिंक के लिए अपनी साइट का पूरी तरह से निरीक्षण करने में मदद करता है.

मैं अपने ब्लॉग पर New broken links find करने के लिए साल में तीन बार जाँच करता हूँ. अगर आप हर दो महीने में वेबसाइट को स्कैन कर सकते हैं, यहां कोई सीमा नहीं है, मुझे आशा है कि आप भी ऐसा ही करेंगे.

मैंने इस पोस्ट में बताया की Broken link क्या होता है, किन कारण से Generate होती है, SEO के लिए क्यों जरुरी है, इसे चेक करके कैसे Fix करे वो सारी बाते पर चर्चा की, आप इन सब बातों को अच्छी तरह समझ गए है.

साथ ही अगर इस पोस्ट से संबंधित आपका कोई सवाल है तो आप हमें कमेंट बॉक्स के जरिए पूछ सकते हैं. मैं आपके सवालों का जल्द से जल्द जवाब देने की कोशिश करूंगा.

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