आज के समय में Internet ने हमारी जिंदगी को पहले से कहीं ज्यादा आसान बना दिया है। अब घर बैठे Shopping करना, Banking करना, Bill भरना, Ticket Book करना या किसी भी तरह की online service लेना कुछ ही Minutes का काम रह गया है। लेकिन जितनी तेजी से इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ा है, उतनी ही तेजी से ऑनलाइन धोखाधड़ी (Online Scam) और Fake websites की संख्या भी बढ़ी है।
आज इंटरनेट पर ऐसी हजारों वेबसाइट हैं जो बिल्कुल असली वेबसाइट जैसी दिखाई देती हैं। उनका डिज़ाइन, लोगो, रंग और लेआउट देखकर आम person आसानी से धोखा खा सकता है। कई बार लोग सस्ते ऑफर, भारी डिस्काउंट या फ्री गिफ्ट के लालच में ऐसी वेबसाइटों पर अपनी मेहनत की कमाई, बैंकिंग जानकारी या व्यक्तिगत जानकारी तक साझा कर देते हैं। बाद में पता चलता है कि वेबसाइट पूरी तरह फर्जी थी।
यही वजह है कि आज केवल ऑनलाइन खरीदारी करना सीखना ही काफी नहीं है, बल्कि यह भी जानना जरूरी है कि Website Real Hai Ya Fake Kaise Check Kare।
अगर आप किसी नई वेबसाइट से पहली बार खरीदारी करने जा रहे हैं, किसी अनजान वेबसाइट पर अपना बैंक कार्ड, UPI, ईमेल या अन्य निजी जानकारी दर्ज करने वाले हैं, तो पहले कुछ मिनट निकालकर उसकी जांच जरूर करें। इससे आप फर्जी वेबसाइट (Fake Website) और ऑनलाइन फ्रॉड (Online Scam) से आसानी से बच सकते हैं।
नीचे बताए गए तरीके अपनाकर आप किसी भी वेबसाइट की Reliability काफी हद तक जांच सकते हैं।
1. सबसे पहले वेबसाइट का URL ध्यान से देखें
किसी भी वेबसाइट की पहचान करने का सबसे आसान तरीका उसका URL (वेबसाइट एड्रेस) होता है। कई सारे लोग वेबसाइट खोलते ही सीधे उसके होमपेज या प्रोडक्ट देखने लगते हैं और एड्रेस बार पर बिल्कुल ध्यान नहीं देते। यही गलती कई बार उन्हें फ्रॉड का शिकार बना देती है।
इसलिए जब भी किसी नई वेबसाइट पर जाएं, सबसे पहले ब्राउज़र के एड्रेस बार में दिख रहे URL को ध्यान से पढ़ें।
उदाहरण के लिए यदि आपको Amazon की वेबसाइट खोलनी है, तो उसका सही पता होगा.
amazon.in
लेकिन स्कैमर अक्सर इसी तरह के नाम बनाकर लोगों को भ्रमित करते हैं, जैसे,
- amaz0n.in
- amazon-offer.xyz
- amazon-sale.shop
- amazonn.store
- amazonindia-sale.com
पहली नजर में ये वेबसाइट असली जैसी लग सकती हैं, लेकिन रियल में इनका Amazon से कोई संबंध नहीं होता।
इसके अलावा इन बातों पर भी ध्यान दें,
- डोमेन नाम में Unnecessary शब्द तो नहीं जुड़े हैं।
- स्पेलिंग में कोई बदलाव तो नहीं किया गया।
- .com की जगह कोई अनजान एक्सटेंशन तो नहीं है।
- वेबसाइट का फेविकॉन (Browser Tab पर दिखाई देने वाला आइकन) सही दिखाई दे रहा है या नहीं।
लेकिन केवल फेविकॉन देखकर किसी वेबसाइट को Safe नहीं माना जा सकता, क्योंकि आजकल स्कैमर भी आसानी से किसी कंपनी का लोगो और फेविकॉन कॉपी कर लेते हैं। इसलिए URL की जांच सबसे महत्वपूर्ण होती है।
यदि URL देखने में थोड़ा भी अजीब लगे, तो उस वेबसाइट पर कोई भी व्यक्तिगत जानकारी या भुगतान करने से पहले दोबारा जांच जरूर करें।
2. HTTPS जरूर देखें, लेकिन केवल उसी पर भरोसा न करें,
कुछ साल पहले तक लोग मानते थे कि यदि किसी वेबसाइट के URL के आगे HTTPS लिखा है, तो Website पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन अब इंटरनेट पहले से काफी बदल चुका है।
आज लगभग हर वेबसाइट HTTPS का उपयोग करती है और यहां तक कि कई फर्जी वेबसाइटें भी मुफ्त SSL Certificate लगाकर HTTPS दिखाती हैं। इसलिए केवल HTTPS देखकर किसी वेबसाइट को असली मान लेना सही नहीं होगा।
फिर भी HTTPS का होना जरूरी है क्योंकि यह आपके और वेबसाइट के बीच भेजे जाने वाले डेटा को एन्क्रिप्ट करता है। यानी यदि आप कोई फॉर्म भरते हैं, लॉगिन करते हैं या भुगतान करते हैं, तो आपकी जानकारी सुरक्षित तरीके से ट्रांसफर होती है।
अगर किसी वेबसाइट के एड्रेस बार में HTTPS नहीं है और उसकी जगह केवल HTTP लिखा है, तो विशेष रूप से इन मामलों में अपनी पर्सनल, बैक वगेरे डीटेल न दे.
HTTPS केवल यह भी बताता है कि आपका कनेक्शन सुरक्षित (Encrypted) है। यह इस बात की गारंटी भी नहीं देता कि वेबसाइट असली या भरोसेमंद भी है.
3. Privacy Policy, Refund Policy और Terms & Conditions जरूर पढ़ें
कई लोग इन पेजों को बिल्कुल नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यही पेज किसी वेबसाइट की Reliability के बारे में काफी कुछ बताते हैं।
यदि वेबसाइट कोई प्रोडक्ट बेच रही है या कोई ऑनलाइन सेवा दे रही है, तो उसके पास नॉर्मल्स ये पेज होने चाहिए,
- Privacy Policy
- Refund Policy
- Return Policy
- Shipping Policy
- Terms & Conditions
- Cancellation Policy
लेकिन मेने ये पेज लिस्टेड शेयर की है वो केवल होना जरुरी नहीं है बट इसको थोड़ा समय निकाल कर पढ़े.
4. नो रिव्यु,
अगर किसी वेबसाइट पर किसी प्रोडक्ट की पूरी जानकारी, उसकी साफ़ तस्वीरें, रिव्यू, रेटिंग या ग्राहकों का फीडबैक दिखाई नहीं देता, तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। ऐसी Situation में यह संभव है कि वेबसाइट भरोसे करने लायक न हो या फिर नकली (Fake Website) हो। कई फ़िशिंग वेबसाइटें भी इसी तरह कम जानकारी दिखाकर लोगों को जल्दी खरीदारी करने के लिए आकर्षित करती हैं।
इसलिए किसी भी प्रोडक्ट को खरीदने से पहले उसकी पूरी जानकारी ध्यान से पढ़ें। प्रोडक्ट की तस्वीरें देखें, उसके फीचर्स समझें, ग्राहकों के रिव्यू और रेटिंग पढ़ें तथा यह भी देखें कि उसे कितने लोगों ने खरीदा है। अगर वेबसाइट पर यह जानकारी उपलब्ध नहीं है या सब कुछ Suspicious लगता है, तो उस वेबसाइट से खरीदारी करने से बचें।
5. सेफ ब्राउज़िंग करे,
आजकल Internet पर कई ऐसे Browser भी मिल जाते हैं जिन्हें किसी छोटे डेवलपर या Unknown company ने बनाया होता है। कुछ ब्राउज़र सुरक्षित होते हैं, लेकिन कुछ आपकी गोपनीयता (Privacy) के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। अगर आप किसी ऐसे ब्राउज़र का उपयोग करते हैं जिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता, तो आपकी ब्राउज़िंग हिस्ट्री, सेव किए गए पासवर्ड और अन्य निजी जानकारी गलत लोगों तक पहुंच सकती है।
इसलिए इंटरनेट का उपयोग करते समय हमेशा किसी भरोसेमंद और लोकप्रिय ब्राउज़र का ही इस्तेमाल करें। जैसे Google Chrome, Mozilla Firefox, Microsoft Edge, Brave और Safari। ये ब्राउज़र नियमित रूप से Security Updates मिलते रहते हैं और इनमें Safe Browsing, Phishing Protection तथा Password Security जैसी सुविधाएं होती हैं। इनकी मदद से Suspicious और फर्जी वेबसाइटों की पहचान करना आसान हो जाता है, जिससे Online Fraud का खतरा काफी कम हो जाता है।
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इंटरनेट ने हमारी जिंदगी को आसान जरूर बनाया है, लेकिन इसके साथ Online Fraud के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। इसलिए किसी भी नई वेबसाइट पर आंख बंद करके भरोसा करना समझदारी नहीं है।
खरीदारी करने, बैंकिंग करने या अपनी निजी जानकारी साझा करने से पहले वेबसाइट की अच्छी तरह जांच कर लें। कुछ मिनट का समय निकालकर URL, HTTPS, Domain Age, Contact Details, Reviews, Policy Pages और Payment Method जैसी चीजें जांचने से आप बड़ी परेशानी से बच सकते हैं।
याद रखें, online security की शुरुआत आपकी सतर्कता से होती है। जितना जागरूक रहेंगे, उतनी ही कम संभावना होगी कि आप किसी Fake Website या Online Scam का शिकार बनें।
अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी हो, तो इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ जरूर शेयर करें। हो सकता है आपकी एक शेयर किसी को ऑनलाइन फ्रॉड से बचा दे। साथ ही ऐसी ही उपयोगी तकनीकी और साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी पाने के लिए हमारे ब्लॉग को नियमित रूप से पढ़ते रहें।



